विशेष

हुनर की धारा

Date : in बिहार, विशेष

बीते कुछ महीनों में हमने बहुत कुछ देखा है। हम सबको कभी किसी को खोने का डर था तो कभी अपनो के पास वापस आने की खुशी। किसी को खाने के लिए तरसते देखा तो किसी को अपने घर जाने के लिए ज़िंदगी से जंग लड़ते। इस महामारी ने हमें बहुत कुछ सीखने के लिए […]

मन हो शांत तो ज़िंदगी आसान।

Date : in विशेष

नीरज कुमार महंत आजकल बदलाव के इस दौर में हम सब की ज़रूरत है मानसिक शांति। जैसा कि हम जानते हैं, आज का जीवन हम सब के लिए कितना तनावपूर्ण हो गया है। हमें हर दिन कोई न कोई बात परेशान करती है, चाहे वो किसी भी रूप में हो। जैसे कि करियर, संबंध, स्वास्थ्य […]

जीवन‌रक्षक

Date : in विशेष

नीरज कुमार महंत ये कुछ लोग जो जीवन की रक्षा करते हैं, सीमा पर या घर के आस पास सड़कों पर इनके सम्मान में तो हर इंसान का सर झुकना चाहिए। हालांकि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो समाज में हमारे बीच रहकर हमारी रक्षा करते हैं इनको सम्मान देना ना ही हमारा कर्तव्य […]

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

Date : in Latest, झारखंड, धनबाद, विशेष, स्वास्थ्य

नीरज कुमार महंत 21 जून 2015 को पहली बार दुनिया भर में योग दिवस को किसी त्योहार की तरह मनाया गया। आज 2020 में इस त्योहार को पूरे पांच साल हो गए हैं। हालांकि, इस साल एक अनोखा संयोग भी बन रहा है। इस साल 21 जून को ही सूर्य ग्रहण भी दिखने वाला है। ग्रहण […]

पिता की जगह बुनियाद लिखा,घर की जगह माँ

Date : in Latest, विशेष

फादर्सडे – विशेष इन शब्दों के अर्थ को समझने और समझाने में पूरी उम्र भी कम पड़ती है। यह कहा जा सकता है कि जन्म लेना और मृत्यु को प्राप्त होना हमारे हाथ में नहीं होता, पर इस क्रम में हम अपने जीवन में औसतन 80,000 लोगों से मिलते हैं। इनमें से कुछ नाते – […]

आज की ज़रूरत

Date : in विशेष

नीरज कुमार महंत आजकल हमारी दिनचर्या ऐसी हो गई है कि हम हर चीज़ जल्द से जल्द करना चाहते हैं। वैसे देखा जाए तो हर काम जल्दी करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन जहां तक बात सीखने की आती है तो उसमें जल्दीबाज़ी करना उचित नहीं। ये बात तो हम सब जानते हैं कि […]

धारा 498 – ए

Date : in Latest, झारखंड, विशेष

नीरज कुमार महंत जब आईपीसी में धारा 498-ए को शामिल किया गया था तो लोगों को लगा कि विवाहिता बेटियों के लिए सुरक्षा कवच प्रदान कर दिया गया है।लेकिन क्या इस कानून ने सच में अपराध‌ कम किये हैं?आज ये सवाल क्यों उठ रहा है ?आज कुछ लोग ये भी कह सकते हैं कि कानून […]

मासूमियत की हत्या

Date : in राज्य, विशेष

जैसा कि हम सब जानते हैं कि आजकल लड़कों और लड़कियों में बहुत ज़्यादा अंतर नहीं माना जाता। लाखों लोग इस बात से सहमति ज़रूर रखते होंगे पर हमारा देश करोड़ों की आबादी वाला देश है और ऐसे में आबादी का एक बड़ा हिस्सा अब भी इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। […]

निर्दयता की पराकाष्ठा

Date : in Latest, विशेष

नीरज कुमार महंत पिछले दिनों एक ख़बर मिली कि एक गर्भवती हथिनी की बड़ी निर्दयता से हत्या कर दी गई है। ये हत्या कैसे की गई इसकी जानकारी पढ़ने के बाद मन इतना दुखी हो जाता है कि सच मानिए, मानवता पर से भरोसा उठ जाने जैसा महसूस होता है। लेकिन किसी एक घटना को […]

स्त्री की परिभाषा को कुछ शब्दों में नहीं समाया जा सकता

Date : in Latest, विशेष

नीरज कुमार महंत ये बात तो हम सब जानते हैं कि स्त्री एक ख़ाली मकान को घर होने का एहसास दिलाती है चाहे घर मिट्टी का हो या संगमरमर का। ये ज़िम्मेदारी इतनी बड़ी होती है कि पुरुष चाहे कितनी भी कोशिश कर ले एक स्त्री के अपेक्षा कभी उनपर पूरी तरह से खरा नहीं […]